होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एचएमएसआई) के बारे में
जापान की होंडा मोटर कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एचएमएसआई ने 2001 से अपना सफर शुरू किया था और यह 63 मिलियन से अधिक संतुष्ट ग्राहकों के साथ भारत की दूसरी सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी बन चुकी है।
एचएमएसआई की फिलॉसॉफी
होंडा की फिलॉसॉफी कुछ बुनियादी धारणाओं (“व्यक्ति का सम्मान” और “द थ्री जॉइज़”), कंपनी के सिद्धांत और प्रबंधन नीतियों से मिलकर बनी है।
यह फिलॉसॉफी न केवल सभी एसोसिएट्स की भी फिलॉसॉफी है, बल्कि यह कंपनी की सभी गतिविधियों की नींव भी है और पूरे होंडा ग्रुप में सभी एसोसिएट्स के आचरण और निर्णय-प्रक्रिया का मानक भी है. अपने सपनों से प्रेरणा लेते हुए और अपने मूल्यों का प्रदर्शन करते हुए, होंडा दुनिया भर के ग्राहकों और समुदायों के साथ खुशियों और उत्साह को साझा करने हेतु चुनौतियों का सामना करना जारी रखेगी, एक ऐसी कंपनी बनने के लिए जिसे समाज वजूद में देखना चाहता है।
सफेद यूनीफॉर्म के पीछे का जुनून
होंडा के R&D सेंटर और फैक्टरी में हमारे एसोसिएट्स सफेद वर्क यूनीफॉर्म पहनते हैं जो आसानी से गंदे और दागदार हो जाते हैं, इस फिलॉसॉफी से कि “साफ वर्कप्लेस से ही अच्छे प्रोडक्ट निकलते हैं”. ये सफेद कपड़े होंडा में काम करने वाले सभी लोगों, जिनमें CEO भी शामिल हैं, की समानता का भी प्रतीक हैं. यह सफेद रंग होंडा की न केवल जापानी फैक्टरियों में, बल्कि दुनिया भर की फैक्टरियों में पूरे दिल से प्रोडक्ट बनाने की होंडा की फिलॉसॉफी का प्रतीक है।
मूलभूत विश्वास

ओवरव्यू
टू-व्हीलर और अन्य इंडस्ट्री पर हमारा जो प्रभाव है उसका एक व्यापक वर्णन इस प्रकार है।




































