"सड़कों को और भी सुरक्षित बनाया जा रहा है: होंडा मोटरसाइकिल और स्कूटर इंडिया ने कर्नाटक के तुमकुर में सड़क पर सुरक्षित रहने से जुड़ा जागरूकता अभियान चलाया"

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तुमकुर, 25 अक्टूबर: पूरे देश में सड़क पर सुरक्षित रहने की पहल को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयास में, होंडा मोटरसाइकिल और स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) ने हाल ही में कर्नाटक के तुमकुर में सड़क पर सुरक्षित रहने के लिए प्रभावशाली जागरूकता अभियान चलाया था. इस अभियान में केंद्रीय विद्यालय के 1,800 से ज़्यादा विद्यार्थी और स्टाफ़ के सदस्य शामिल हुए थे, जिससे युवाओं को सड़क पर सुरक्षित रहने के लिए ज़िम्मेदारी से व्यवहार करने के एचएमएसआई के उद्देश्य को पूरा करने में मदद मिलती है।

भविष्य को आकार देने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को समझते हुए, एचएमएसआई की तरफ से बच्चों और युवाओं में सड़क पर सुरक्षित रहने से जुड़ी आदतें डालने के लिए काम किया जा रहा है. कंपनी का उद्देश्य यह है कि इंटरैक्टिव और एंगेजिंग प्रोग्राम के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और सड़क पर सुरक्षित रहने के लिए ज़िम्मेदारीपूर्ण व्यवहार को बढ़ावा देना है. इन अभियान में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शामिल करने के लिए इन्हें सरकारी और गैर-सरकारी दोनों तरह के स्कूल, कॉलेज और संस्थानों में नियमित रूप से आयोजित किया जाता है।

तुमकुर के सड़क पर सुरक्षित रहने से जुड़े जागरूकता अभियान में कई तरह की गतिविधियों को शामिल किया गया है, जिनका उद्देश्य सड़क पर सुरक्षित रहने से जुड़ी शिक्षा को कॉम्प्रिहेंसिव और इंटरैक्टिव बनाना था. प्रतिभागियों ने सुरक्षित रूप से गाड़ी चलाने के सैद्धांतिक अध्याय, खतरों के पूर्वानुमान से जुड़ी ट्रेनिंग, सड़क पर सुरक्षित रहने से संबंधित क्विज़, हेलमेट पहनने के लिए जागरूकता सत्र और प्रैक्टिकल राइडिंग ट्रेनर एक्सरसाइज़ में भाग लिया. हर गतिविधि में सड़क पर सुरक्षित रहने से जुड़ी शिक्षा के लिए उसे जानकारीपूर्ण और दिलचस्प बनाया गया था, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि लोग सीखी गई बातों को हमेशा याद रखेंगे।

एचएमएसआई ने इस पहल को सफल बनाने में केंद्रीय विद्यालय द्वारा दिए गए समर्थन की सराहना की. इस सहयोग से लोगों को सड़क पर सुरक्षित रखने और ट्रैफिक दुर्घटनाओं को कम करने की साझा प्रतिबद्धता को बल मिला।

शुरूआत से, कर्नाटक राज्य में, एचएमएसआई ने लगभग 3 लाख वयस्कों और बच्चों को शिक्षा प्रदान की है, जिसका फ़ोकस लोगों में सड़क पर ज़िम्मेदारी और समझदारी से चलने की और सुरक्षित रूप से गाड़ी चलाने की आदतें डालना है. तुमकुर में इस अभियान ने भारत की सड़कों को सभी लोगों के लिए सुरक्षित बनाने के एचएमएसआई के जारी प्रयासों में एक और उपलब्धि जोड़ दी है।

सड़क पर सुरक्षित रहने के प्रति होंडा मोटरसाइकिल और स्कूटर इंडिया की CSR प्रतिबद्धता:
2021 में, होंडा ने 2050 के लिए अपने ग्लोबल विज़न स्टेटमेंट की घोषणा की, जिसके अनुसार इस कंपनी का उद्देश्य होंडा मोटरसाइकिल और ऑटोमोबाइल की मदद से ट्रैफिक की वजह से होने वाली मृत्यु के मामलों को पूरी तरह से रोकना है भारत में एचएमएसआई, 2030 तक इस दृष्टिकोण के मुताबिक और मृत्यु दर के मामलों में कमी लाकर उन्हें आधा करने के भारत सरकार के निर्देश के अनुरूप काम कर रहा है।

इस लक्ष्य को प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण पहलू, वर्ष 2030 तक हमारे बच्चों में सड़क पर सुरक्षित रहने की दिशा में एक सकारात्मक मानसिकता विकसित करना और उसके बाद उन्हें शिक्षित करते रहना है. स्कूल और कॉलेज में सड़क पर सुरक्षित रहने से जुड़ी शिक्षा न केवल युवाओं में जागरूकता लाने के लिए है, बल्कि उन्हें सुरक्षित रहने से जुड़े तौर-तरीके बताना और फिर उन्हीं युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रतिनिधि बनाना है. इससे आने वाली पीढ़ियों को अपनी ज़िम्मेदारी समझने में और सुरक्षित समाज में अपना अहम योगदान देने में मदद मिलती है।

एचएमएसआई, समाज की ज़रूरतों को पूरा करने वाली कंपनी बनना चाहता है और समाज के सभी वर्गों के लोगों को सड़क पर सुरक्षित रहने के लिए जागरूक बनाने पर जोर दे रहा है और इसके लिए स्कूल के बच्चों से लेकर कॉर्पोरेट्स और सोसायटी तक के प्रत्येक सेगमेंट के लोगों की ज़रूरतों का ध्यान रखा जा रहा है।

एचएमएसआई के कुशल सुरक्षा प्रशिक्षक, समाज के हर वर्ग के लोगों के लिए सड़क पर सुरक्षित रहने से जुड़ी शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए पूरे भारत में हमारे 10 अडॉप्टेड ट्रैफ़िक ट्रेनिंग पार्क (TTP) और 6 सेफ़्टी ड्राइविंग एजुकेशन सेंटर (SDEC) पर दैनिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं और इस पहल के माध्यम से 7.7 मिलियन से अधिक भारतीयों को इस अभियान में शामिल किया जा चुका है. एचएमएसआई के नेशनल रोड सेफ़्टी अवेयरनेस प्रोग्राम ने इन मॉड्यूल के ज़रिए सीखने के तरीकों को मज़ेदार और साइंटिफ़िक बना दिया है:

साइंटिफ़िक तरीके से तैयार लर्निंग मॉड्यूल:होंडा के कुशल प्रशिक्षकों ने सड़क के संकेतों और चिह्न पर थियोरी के सेशन, सड़क पर ड्राइवर के कर्तव्यों, राइडिंग गियर और सही पोश्चर का स्पष्टीकरण और सुरक्षित राइडिंग से जुड़े शिष्टाचार के लिए एक आधार तैयार किया है. ·

  • प्रैक्टिकल लर्निंग: वास्तविक राइडिंग से पहले सड़क पर 100 से अधिक संभावित खतरों का अनुभव करने के लिए होंडा के वर्चुअल राइडिंग सिमुलेटर पर एक विशेष ट्रेनिंग एक्टिविटी को सभी के लिए निष्पादित किया गया था. ·
  • इंटरैक्टिव सेशन: प्रतिभागियों को किकेन योसोकु ट्रेनिंग (KYT) के नाम से जाना जाने वाला 'जोखिम के पूर्वानुमान' का प्रशिक्षण दिया गया था, जो राइडर/ड्राइवर की खतरे के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ाने में मदद करता है और सड़कों पर सुरक्षित रूप से ड्राइव करना सुनिश्चित करता है. ·
  • मौजूदा ड्राइवर की राइडिंग स्किल को बेहतर बनाना: विद्यार्थी और स्कूल स्टाफ के मेंबर, जो पहले से ही राइडर हैं, उन्हें स्लो राइडिंग की गतिविधियों और संकरी सरफेस पर बैलेंस बनाकर अपने राइडिंग स्किल को टेस्ट करना है और उनमें सुधार करना है।

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